Incredible India Bed & Breakfast Scheme: घर का एक कमरा किराये पर दो, सरकारी मान्यता पाओ, टूरिस्ट से कमाई करो

घर में 2-3 कमरे खाली पड़े हैं।

Airbnb पर लिस्ट करने की सोचते हो, लेकिन डर लगता है कि कानूनी झंझट होगा या नहीं।

भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय एक योजना चलाता है, “Incredible India Bed & Breakfast/Homestay Establishments Scheme।” इसका मकसद एकदम सीधा है: देशी-विदेशी पर्यटकों को सस्ती और साफ जगह मिले, और विदेशी मेहमानों को भारतीय परिवार के साथ रहने, खाने और संस्कृति अनुभव करने का मौका मिले।

यानी तुम्हारा घर, तुम्हारी रसोई, तुम्हारी मेहमाननवाजी, सब सरकारी मान्यता के साथ।

योजना है क्या, असल में

B&B Scheme एक सरकारी पंजीकरण योजना है जिसके तहत घर के मालिक अपनी संपत्ति के एक हिस्से को पर्यटकों के लिए आवास में बदल सकते हैं। शर्त एक ही है: मेजबान उसी घर में रहे।

होटल खोलने की जरूरत नहीं है। बड़ा निवेश नहीं। बस अपना घर, कुछ कमरे, और थोड़ी तैयारी।

यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। कोई जबरदस्ती नहीं। रजिस्टर करो तो सरकारी मान्यता मिलती है, नहीं करो तो कोई दंड नहीं।

कौन अप्लाई कर सकता है?

रजिस्ट्रेशन सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जहां मालिक या प्रमोटर परिवार के साथ उसी घर में रहता हो। कम से कम 1 और अधिकतम 6 कमरे (12 बेड तक) किराये पर दिए जा सकते हैं।

UP में रहते हो? यह योजना वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ, आगरा और मथुरा जैसे शहरों के लिए खास है जहां तीर्थ और विरासत पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है।

कमरे की ज़रूरतें? मैदानी इलाकों में कमरे का आकार 120 से 200 वर्ग फुट, पहाड़ी इलाकों में 100 से 120 वर्ग फुट होना चाहिए। अटैच्ड बाथरूम, गर्म-ठंडे पानी की सुविधा जरूरी है।

Silver और Gold, दो कैटेगरी हैं।

योजना में 2 श्रेणियाँ हैं: Silver और Gold।

Silver में बेसिक साफ-सुथरी सुविधाएं चाहिए। Gold के लिए बड़ा कमरा, बड़ा बाथरूम, पर्याप्त पार्किंग, इंटरनेट, कमरे में फोन, वॉशिंग मशीन, सिक्योरिटी गार्ड और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था जरूरी है।

Gold रेटिंग वाले घरों को ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा विजिबिलिटी मिलती है और बुकिंग भी ज्यादा आती है।

क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

1. सरकारी मान्यता और डायरेक्टरी लिस्टिंग

सभी अप्रूव्ड प्रतिष्ठानों को सरकारी डायरेक्टरी में जगह मिलती है और इंडिया टूरिज्म के प्लेटफॉर्म पर प्रचार होता है।

यह अकेला फायदा बड़ा है। लाखों विदेशी पर्यटक इन्हीं सरकारी लिस्टिंग से होमस्टे ढूंढते हैं।

2. बिजली और पानी के दर में राहत

राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि पंजीकृत B&B प्रतिष्ठानों पर बिजली और पानी के व्यावसायिक दर न लगाएं। यानी होटल वाला महंगा बिल नहीं आएगा।

3. मुफ्त हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग

अप्रूव्ड मालिकों को आतिथ्य व्यवसाय में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाता है। मेहमान कैसे संभालें, खाना कैसे परोसें, रिकॉर्ड कैसे रखें, सब सिखाया जाता है।

4. गोवा में ₹2 लाख का अनुदान भी

गोवा सरकार ने अक्टूबर 2025 में अपनी अलग Homestay & B&B Scheme 2025 शुरू की। इसमें पात्र ऑपरेटरों को ₹2,00,000 का एकमुश्त अनुदान, घरेलू व्यापार मेलों में भागीदारी के लिए 50% की प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹50,000) और Goa Tourism के मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर प्रचार मिलता है।

5. हिमाचल में मुफ्त रजिस्ट्रेशन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने HP Homestay Rules 2025 लागू किए। मौजूदा रजिस्ट्रेशन की वैधता तक नया रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त होगा।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

प्रक्रिया इस तरह है: निर्धारित प्रारूप में आवेदन करो, घर के अंदर और बाहर की तस्वीरें लगाओ, शुल्क जमा करो। Silver के लिए ₹3,000 और Gold के लिए ₹5,000।

आवेदन के बाद टूरिज्म अधिकारी घर का निरीक्षण करेंगे। अगर मानक पूरे हुए तो 30 दिन के भीतर ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी होगा।

आधिकारिक पोर्टल: hotelcloud.nic.in (केंद्र सरकार का पोर्टल)

राज्य के अनुसार राज्य पर्यटन विभाग का पोर्टल भी इस्तेमाल होता है।

किन दस्तावेजों की जरूरत है?

तीन मुख्य दस्तावेज चाहिए: संपत्ति के मालिकाना हक के कागज, स्थानीय पुलिस विभाग से NOC और नियामक शर्तों की स्वीकृति का हलफनामा।

इसके अलावा ID proof, घर की तस्वीरें (अंदर और बाहर से), और शुल्क भुगतान की रसीद भी लगानी होगी।

सर्टिफिकेट कितने समय के लिए?

वर्गीकरण 2 साल के लिए वैध होता है, उसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।

दिल्ली में योजना फिर से शुरू हो रही है जहां सर्टिफिकेट 3 साल के लिए वैध होगा। Gold कैटेगरी के लिए टेलीफोन, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और सुरक्षा अतिरिक्त रूप से जरूरी होंगे।

मेजबान के लिए जरूरी नियम

पंजीकृत मेजबानों को गेस्ट रिकॉर्ड रखना होगा, हर 15 दिन में अधिकारियों को जानकारी देनी होगी, कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा और रजिस्ट्रेशन व किराये की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

मेहमानों के चेक-इन और चेक-आउट का रजिस्टर, ID और पासपोर्ट की जानकारी दर्ज करना जरूरी है। डॉक्टर के संपर्क नंबर, लगेज रखने की सुविधा और कैश-चेक-DD की स्वीकृति भी अनिवार्य है।

किसके लिए सबसे फायदेमंद?

यह योजना खास तौर पर महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देती है।

सोचो: घर की महिला मेजबान, अपनी रसोई से खाना परोसती है, घर का एक हिस्सा किराये पर देती है, सरकारी मान्यता के साथ। न दफ्तर जाना, न नौकरी ढूंढना।

तीर्थ शहरों और हेरिटेज कस्बों के लिए यह सोने की खान है। वाराणसी में आने वाले विदेशी पर्यटक 5 सितारा होटल से ज्यादा असली भारतीय घर में रहना पसंद करते हैं।

एक बात सीधी कह दें

दिल्ली में 2007 में यह योजना शुरू हुई थी। 2023 तक 432 घरों के 2,200 से ज्यादा कमरे रजिस्टर्ड थे। फिर धीरे-धीरे योजना ठंडी पड़ गई क्योंकि रजिस्ट्रेशन में देरी, नवीनीकरण में लापरवाही और बजट होटलों की प्रतिस्पर्धा ने इसे कम आकर्षक बना दिया।

अब सरकार इसे गोवा मॉडल पर पुनर्जीवित कर रही है। गोवा की तरह अनुदान, प्रचार और आसान प्रक्रिया।

आधिकारिक वेबसाइट: tourism.gov.in

घर है, कमरा है, मेहमाननवाजी है। बस रजिस्ट्रेशन बाकी है।

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